जंगल की डायन डरावनी कहानी
एक गांव में सब कुछ सामान्य चल रहा था और कुछ दिन ऐसे ही बीत जाते हैं और कुछ दिन बाद गांव के कुछ बच्चे अचानक से बीमार पड़ने लगे और उन बच्चों को खून की उल्टियां होने लगी और सभी बच्चों के पेट में बहुत दर्द होने लगा | दर्द जाने का नाम ही नहीं ले रहा था सभी बच्चों मैं एक बात तो समान थी कि सभी बच्चों को पेट में ही दर्द हो रहा था धीरे-धीरे उनकी हालत और खराब हो रही थी |
गांव के लोगों ने जब देखा तो उनके मुंह से जब उल्टियां कर रहे थे तब उनके मुंह से छोटे छोटे कीड़े निकल रहे थे |
बच्चे लगातार यही कह रहे थे कि हमारे पेट के अंदर कुछ हैं जो चल रहा है गांव वाले समझ चुके थे कि हमारे गांव में कोई मेहमारी आ गई है |
उन लोगों के पास इतना पैसा नहीं थे कि अपने बच्चों को शहर ले जाकर इलाज करा सकें एक बार जो अधिकांश लोग जो अपने घर से बाहर सोते थे उन्हें एक रात ऐसा लगा कि उनके चारों तरफ कोई घूम रहा हो लोगों ने तुरंत उठ कर इधर उधर देखा तो वहां पर कोई नहीं दिखा |फिर अगले दिन एक बात बहुत तेजी से फैल गई जब हम सो रहे थे तब लगा कि मेरे बगल में कोई है जो मुझे एक घूर घूर कर देख रहा है | और जैसे ही मैं उठा तो देखा कि कोई औरत जंगल की ओर जा रही हैं |
इधर गांव के बच्चों की हालत दिन प्रतिदिन और बढ़ती जा रही थी लोगों को कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि हमारे गांव में यह क्या हो रहा है | उस गांव के एक व्यक्ति ने कहा कि कल जब मैं जंगल से गुजर रहा था तब मैंने जंगल में किसी औरत को बैठा देखा देखने में तो वह औरत बेहद अजीब थी और उसके हाथ में एक धारदार हथियार था आखिर वहां क्या कर रही थी ?
लेकिन फिर भी मैं एक पेड़ के पीछे छुप कर उसे देखता रहा | लेकिन पता नहीं वहां पर कहां से एक बहुत तेज आंधी आया और ना जाने वह औरत उस आंधी में कहां गायब हो गई मैं उसे इधर उधर देखता रहा लेकिन फिर भी मुझे वह औरत नहीं दिखी हो सकता है कि वह वही औरत हो जो रात में आती है |
गांव वाले समझ गए थे कि कुछ तो है जो हमारे गांव को परेशान कर रही है क्योंकि अचानक से ऐसा होना यह कैसे संभव है | गांव के कुछ लोगों ने जंगल जाने का फैसला किया वह देखना चाहते थे कि उस जंगल में कौन है जो गांव की तरह बुरी नजर दाल रहा है |
यह सोच कर तकरीबन 5 लोग उस जंगल की ओर चल पड़े अपने अपने हाथों में लाठी-डंडे और मशाल लेकर | दोपहर के 11:00 बज रहे थे और वे लोग जंगल में प्रवेश कर चुके थे जंगल के ही शुरुआत से ही तेज हवाएं चल रही थी | सूखे पत्तों की खड़खड़ आहट बेहद डरावनी लग रही थी लोगों ने गौर किया कि इतने बड़े घने जंगल में उन्हें एक भी पशु पक्षी नहीं दिख रहे हैं मानो वह कहीं विलुप्त हो चुके हैं फिर भी हिम्मत जुटाकर यह लोग बेहद घने जंगल की ओर चले जा रहे थे |
जंगल के काफी अंदर आकर वे लोग थम से गए और लोगों ने देखा अपने सामने जंगल के सारे जीव जंतुओं को किसी ने नोच नोच कर मार कर खाया है सभी जीव जंतु को इस तरह मारा देखकर सभी लोग डर गए फिर भी हिम्मत जुटाकर वह सभी लोग आगे बढ़ने लगे |
इन लोगों को समझ में आ गया था कि जरूरी से जंगल में कुछ बात है आखिर ऐसा हालात कैसे हो सकता है इन लोगों को लग रहा था कि आखिर यह किस तरह की महामारी है जो लोगों के साथ-साथ जंगल के जानवरों को भी हो रहा है इतना तो समझ में आ गया था कि जो कुछ भी है वह इसी जंगल में है
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All Meterial
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